और सोच रही थी कि रिश्ते बेशक कुछ समय के लिए रूठते है पर टूटते नहीं हैं। और सोच रही थी कि रिश्ते बेशक कुछ समय के लिए रूठते है पर टूटते नहीं हैं।
कोई धर्म पता नहीं समानता का साथ क्यों नहीं देना चाहता कोई धर्म पता नहीं समानता का साथ क्यों नहीं देना चाहता
एक विचार खुद को जानने के लिए एक विचार खुद को जानने के लिए
आज के अविवेकी मनुष्य ने हर इन्द्रिय का दुरुपयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आज के अविवेकी मनुष्य ने हर इन्द्रिय का दुरुपयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
गीत सुन मुस्कुराती बालकनी से आती सुबह की हवा का आनंद लेने लगी। आखिर उसे जीना आ गया था। गीत सुन मुस्कुराती बालकनी से आती सुबह की हवा का आनंद लेने लगी। आखिर उसे जीना आ ग...
सही समय पर बेटी हुई लेकिन थोड़ी कमजोर थी। सबके चेहरे बुझे से थे सही समय पर बेटी हुई लेकिन थोड़ी कमजोर थी। सबके चेहरे बुझे से थे